कम्पनी रूपरेखा
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चेन्नई पेट्रोलिउम कोरपोरेशन लिमिटेड (सीपीसीएल) जो पहले मद्रास रिफ़ाइनेरी लिमिटेड (एम आर एल) के नाम से जाना जाता था 1965 में भारत सरकार और AMOCO और राष्ट्रीय ईरानियन ईंधन कंपनी (एनआईओसी) के बीच जाइंट वेंटचर की रूप में क्रमशः 74%: 13%: 13% अनुपात में शेयर लेते हुए शुरू किया गया। प्रारम्भ में सीपीसीएल रिफ़ाइनेरीमूल रूप में सी पी सी एल रिफेनाइरी 2.5 मीलियन टन प्रति वर्ष (एम एम टी पी ए ) क्षमता स्थापित किया गया और भी निर्धारित लागत से अधिक खर्च किये बिना 27 महीने के रिकार्ड समय पर 43 करोड़ की लागत पर किया था।


1985 में भारत साकार के पक्ष में AMOCO ने अपने शेयर को डिसिनवेस्ट कर दिया और भारत सरकार व एनआईओसी के शेयर क्रमशः 84.62% और 15.38% रहा। बाद में भारत सरकार ने यूनिट ट्रस्ट ऑफ इंडिया, म्यूट्चुयल फ़ंड, बीमा कंपनी और बैंक में 19 मई 1992 को अपने 16.92% पेईड अप पूंजी को डिसिनवेस्ट किया और फलस्वरूप अपने होल्डिंग को 67.7% बनाया। 1994 में सीपीसीएल के सार्वजनिक इश्यू रू 70 के प्रीमियम पर (एफ आई आई के लिए रू 90) पर ज़री किया गया था और लगभग 38 गुणा अधिक सबस्क्राइब किया गया था। इससे बहुत अधिक शेयर होल्डर्स मिले।


भारत सरकार के पुनः संरचनात्मक कदम में इंडियन ऑइल को 2000-01 में भारत सरकार से ईक्विटी मिला। जुलाई 2003 में, एनआईओसी ने अपने तमाम शेयर को नफटीरियन इंटरट्रेड कंपनी लिमिटेड, जो अफलिएटेड है, को संगठनात्मक पुनः संरचना के कार्य में स्थानांतरित कर दिया। फिलहाल आईओसी के पास 51.89 होल्ड है और एन आई सी ओ के पास 15.40% होल्ड है।


सीपीसीएल के पास दो रिफ़ाइनरि हैं, दोनों को मिलाकर शुद्धिकरण की क्षमता 10.5 मिलियन टन प्रति वर्ष है (एम एम टी पी ए ) मनली रिफ़ाइनरि की क्षमता 9.5 मिलियन टन प्रति वर्ष है और यह एक बहुत ही कॉम्प्लेक्स रिफ़ाइनरि है जहां ईंधन, लूब, वेक्स, और पेट्रोकेमिकल फीड स्टॉक उत्पादन सुविधाएं हैं। सीपीसीएल की दूसरी रिफ़ाइनरि नागप्पाट्टिनम के कावेरी बेसिन में है। 1993 में 0.5 मिलियन टन प्रति वर्ष है की क्षमता के साथ नागप्पाट्टिनम इसकी शुरुआत हुई और बाद में 1.0 मिलियन टन प्रति वर्ष है क्षमतावाली के रूप में बदला गया।


एलपीजी, मोटर स्पिरिट, सुपेरियर केरोसिन, एविएशन टर्बाइन ईंधन, उच्च तेज़ के डीज़ल, नाप्ता, बिटूमेन, लूब आधारित स्टॉक, पेरफीन वेक्स, ईंधन तेल, हेक्सेन, और पेट्रोकेमिकल फीड स्टॉक कंपनी के प्रमुख उत्पादन हैं। सीपीसीएल में संस्थापित वेक्स प्लांट की क्षमता 30,000 टन प्रति वर्ष है जो मोमबत्ती, वॉटर प्रूफ फोरमुलाशन्स और दिया वेक्स बनाने के पेराफीन वेक्स उत्पन्न करने के लिए अभिकल्प किया गया है। आस पास के डाउन स्ट्रीम कारखानों की आपूर्ति करने के लिए 1998 में 17,000 टन प्रति वर्ष की क्षमतावाली प्रोपिलेन प्लांट का प्रारम्भ किया गया था। इस यूनिट को 2004 में 30,000 टन प्रति वर्ष की क्षमतावली प्रोपिलेन उत्पादक प्लांट के रूप में बदला गया। सीपीसीएल, लाइनर अलकाइल बेंज़ीन के उत्पादन के लिए डाउन स्ट्रीम यूनिट को LABFS की आपूर्ति भी करता है।


वर्ष 2009-10 के लिए क्रूड थ्रुपुट 10.058 मिलियन मेट्रिक टन (एम एम टी) था । 2009-10 में के कंपनी के टर्नओवर रू 29184 करोड़ था और कर देने के बाद कुल 603.22 करोड़ था।

कंपनी के उत्कृष्ट कार्य निष्पादन के फलस्वरूप वर्ष 2009-10 के लिए पेईड अप ईक्विटी शेयर केपिटल पर कंपनी ने 120% लाभांश घोषित किया ।


gandhi

मैं हिंदी के जरिए प्रांतीय भाषाओं को दबाना नहीं चाहता किंतु उनके साथ हिंदी को भी मिला देना चाहता हूं । भारत में स्‍वतंत्रता के बाद संसदीय लोकतंत्र लगातार मजबूत हुआ है। भारतीय लोकतंत्र विश्‍व का सबसे बड़ा लोकतंत्र है जहां अनेक जातियों धर्मों और भाषाओं के बावजूद सबको बराबरी का हक मिला है। जहां स्‍त्री पुरुषों के बीच कोई असमानता नहीं है बल्कि भारत में महिलाएं जीवन के सभी क्षेत्रों में शीर्ष पर पहुंची हैं और हर क्षेत्र में वे अपनी क्षमता का

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