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चेन्नै पेट्रोलियम कॉर्पोरेशन लिमिटेड
आचरण संहिता
बोर्ड के सदस्यों और वरिष्ठ प्रबंधन कार्मिकों के लिए आचरण संहिता
1 प्रस्तावना
1.1 इस आचरण संहिता (जिसे इसमें इसके पश्चात् संहिता के नाम से निर्दिष्ट किया गया है) को चेन्नै पेट्रोलियम कार्पोरेशन लिमिटेड (जिसे इसमें इसके पश्चात् कम्पनी के नाम से निर्दिष्ट किया गया है) के बोर्ड के सदस्यों और वरिष्ठ प्रबंधन कार्मिकों के लिए आचरण संहिता कहा जाएगा।
1.2 इस संहिता में परिकल्पित है कम्पनी के निदेशक मंडल (बोर्ड) और वरिष्ठ प्रबंधन कार्मिक (इसमें इसके पश्चात् जैसा कि परिभाषित किया गया है) (सामूहिक रूप से बतौर अधिकारी निर्दिष्ट किया गया है) उन्हें प्रदत्त प्राधिकार की सीमा के अन्दर और लागू कानून की आवश्यकताओं का अनुपालन कर्तव्यबद्ध होकर करेंगे।
1.3 इस संहिता का उद्देश्य कम्पनी के कार्यों को चलाने में नैतिकता और पारदर्शी प्रक्रिया में वृद्धि करना है जिससे कि कम्पनी के शेयरधारकों का अधिकारियों के प्रति प्रदर्शित विश्वास तथा भरोसा कायम रखा जा सके। अपने दिन र्प्रैतदिन के कार्यों में अधिकारियों से अपेक्षा की जाती है कि वे इस संहिता के प्रावधानों को तथा इसके अधीन निर्धारित किए मानकों को पूरी तरह से समझें, उनका अनुपालन करें और उनकी मर्यादा बनाए रखें।
इस संहिता में निर्धारित सिद्धान्त समान्य प्रकार के हैं और उनमें अनुपालन तथा नीति के सामान्य स्तर ही बताएं गए है जों मद्रास स्टाक एक्सचेन्ज लिमिटेड, बाम्बे स्टाक एक्सचेन्ज लिमिटेड और नेशनल स्टाक एक्सचेन्ज आफॅ इंडिया लिमिटेड (जिन्हे सामूहिक रूप सें स्टाक एक्सचेन्जेज के नाम से निर्दिष्ट किया गया है) के लिस्टिंग एग्रीमेन्ट के खंड 49 के अनुसार अपेक्षित है। अधिकारी, विनिर्दिष्ट अनुदेशों और मार्गदर्शी सिद्धान्तों को, कम्पनी में लागू नीतियों और कार्यविधियों मे भी समीक्षा करें और उन्हें इसे संहिता के साथ जोडकर पढें।
कम्पनी में, वर्तमान में आचरण, अनुशासन और अपील नियमावली (सी.डी.ए नियमावली) लागू है। इससे कम्पनी के सभी पर्यवेक्षकीय कर्मचारी, पूर्वकालिक निदेशक सहित, शासित होते हैं लेकिन इसमें गैर पूर्णकालिक निदेशक सहित होते हैं लेकिन हसमें गैर पूर्णकालिक निदेशक शामिल नहीं है। इस संहिता को स्टॉक एक्संचेन्ज के साथ हुए लिस्टिंग एग्रीमेन्ट के खंड 49 के प्रावधानों के अनुपालन करने हेतु विशेष रूप से निर्मित किया गया है। कम्पनी के पूर्णकालिक निदेशकों और वरिष्ठ प्रबन्धन कार्मिकों के संबंध में, इस संहिता की सी डी ए नियमावली के साथ में पढ़ा जाना है।
यह संहिता जनवरी 2006 के प्रथम दिवस से प्रभावी होगी।
सभी अधिकारियों को परिशिष्ट-1पर साथ में संलग्न अभीस्वीकृति प्रपत्र पर हस्ताक्षर करके कम्पनी सचिव को यह सूचित करते हुए लौटा देना चाहिए कि उन्होने इसे प्राप्त किया, पढ़ा, समझा और इस संहिता का अनुपालन करने के लिए वे सहमत हैं। सभी अधिकारियों को, इसके साथ परिशिष्ट-2 पर संलग्न प्रपत्र में प्रत्येक वित्तिय वर्ष की समाप्ति के 30 दिनों के अन्दर, प्रत्येक वर्ष, संहिता के अनुपालन करने की अभिपुष्टि करनी अपेक्षित होगी।
परिभाषाएं और निर्वचन
2.1 इस संहिता में जब तक अर्थ और संदर्भ अन्यथा अपेक्षित न हों इसमें प्रयुक्त निम्नलिखित वाक्यांशों का निर्धारित अर्थ अधोलिखित होगा:-
बोर्ड से कम्पनी का निदेशक मंडल अभिप्रेत होगा।
बोर्ड के सदस्योंसे कम्पनी के बोर्ड में निदेशक-गण अभिप्रेत होगा।
कम्पनी से चेन्नै पेट्रोलियम कॉर्पोरेशन लिमिटेड अभिप्रेत होगा।
सरकार से भारत सरकार अभिप्रेत होगा।
अधिकारियों से बोर्ड के सदस्य और वरिष्ठ प्रबंधक कार्मिक, सामूहिक रूप से, निर्दिष्ट होगा।
संबंधी से कम्पनी अधिनियम, 1956 की धारा 2(41) और 6, कम्पनी अधिनियम 1956 की अनुसूची 1 ए के साथ पठित और परिशिष्ट- 3 में स्पष्ट रूप से दर्शाए अनुसार वही शब्दावली अभिप्रेत होगी।
वरिष्ठ प्रबंधन कार्मिक से कम्पनी के कार्मिक, निदेशक मंडल को छोड़कर, जो कोर प्रबंधन टीम के सदस्य हैं और इसमें प्रबंधन के वे सभी सदस्य, विभागाध्यक्ष सहित, जो पूर्णकालिक निदेशकों से एक स्तर नीचे है, और प्रत्यक्षत्त: पूर्णकालिक निदेशकों को रिपोर्ट करते है, अभिप्रेत होगा।
पूर्णकालिक निदेशकों से बोर्ड के सदस्य जो कम्पनी के पूर्ण समय नियोजन में है, अभिप्रेत होगा।
गैर पूर्णकालिक निदेशकों से बोर्ड के सदस्यों जो अंशकालिक निदेशक हैं और कम्पनी के पूर्णकालिक नियोजन में नहीं हैं अभिप्रेत होगा।
इस संहिता में पुल्लिंग अभिव्यवस्त कर रहे शब्दों में स्त्रीलिंग भी शामिल है और एक वचन दर्शाने वाले शब्दों में बहुवचन तथा इसका उल्टाक्रम भी शामिल है।
3 प्रयोज्यता
3.1 यह संहिता निम्नलिखित व्यक्तियों पर लागू होगी।
3.1.1 बोर्ड सदस्यों; और वरिष्ठ प्रबंधन कार्मिक-गण
4 . नैतिक आचरण
कम्पनी द्वारा प्रदत्त प्राधिकारों तथा लागू कानूनों के अन्तर्गत, कम्पनी के श्रेष्ठ हितों को ध्यान में रखतें हुए प्रत्येक अधिकारी अपने-अपने कार्यों को:-
संव्यावसायिकता, पूर्ण सावधानी कौशल, तत्परता, ईमानदारी सदभाव तथा निष्ठा और उच्च नैतिक को अपनाते हुए करेगा;
अपने निर्णयों से किसी भी प्रकार का समझौता किए बिना, वैश्वासिक दायित्वों को पूरा करेगा;
उचित व्यवहार और पारदार्शिता से कार्य करेगा और ऐसे किसी भी निर्णय-प्रक्रिया में शामिल नहीं होगा जिसमें हित्तों के टकराव रकराव हों अथवा इसकी संभावना हो जिससे कम्पनी के सर्वश्रेष्ठ हितों पर स्वतंत्र निर्णय न लिया जा सके।
बोर्ड की पूर्व अनुमति के बिना वह व्यवसाय इसके साथ नही करेगा (क) अपने संबंधियों अथवा (ख) ऐसी प्राइवेट लिमिटेड कम्पनी जिसमें वह अथवा उसके संबंधी सदस्य अथवा निदेशक हों (ग) ऐसी प्राइवेट लिमिटेड कम्पनी जिसमें उसके अथवा उसके संबंधियों के 2( या इससे अधिक के शेयर हो अथवा इन्हे मत देने का अधिकार हो (घ) ऐसी फर्म जिसमें कि वह अथवा उसके संबंधी भागीदार हो।
कम्पनी से जुडे किसी व्यावसायिक गतिविधि में अपने वैयाक्तिक और अथवा वित्तीय हित रखने से बचें।
किसी से भी, जो कम्पनी से संव्यवहार में एक पक्षकार है किसी प्रकार के व्यावसायिक संबंध न बनाए और ना ही उसकी गतिविधियों से जुड़े ।
किसी भी ठेकेदार अथवा आपूतिकर्ता से जो व्यावसायिककुशलता, निष्पक्षता और प्रतिस्पर्धी आधार के संव्यवहार से समझौता करता है अथवा कम्पनी के निर्णयों को प्रभावित करता है, से व्यवहार बनाए रखने से बचें।
कम्पनी के हितों के प्रतिकूल, कोई पद ग्रहण न करें अथवा कोई कार्य न करें अथवा अन्य व्यवसाय न करें।
कॉर्पोरेट सम्पत्ति के प्रयोग द्वारा सूचना और हैसियत द्वारा मिले अवसरों का दोहन अपने निजी लाभ के लिए तब तक न करे जब तक कि इस अवसर को पूरी तरह से लिखित रूप में बोर्ड को न बतलाया गया हो और बोर्ड ने इस अवसर से लाभ लेने से इंकार किया हो।
प्रत्यक्ष अथवा परोक्ष रूप में; किसी भी तरह का उपहार गैर कानूनी संदाय, पारिश्रमिक, चन्दा अथवा तुलनात्मक लाभ जो व्यवसाय हासिल करने के लिए अथवा अप्रतिस्पर्धी पक्षपात के लिए आशयित हो अथवा समझा गया हो को न तो चाहेंगे, न स्वीकार करेंगे, न प्रस्ताव देंगे, अथवा करेंगे, सी डी ए नियमावली में अन्यथा उपबन्धित किए हुए के सिवाय।
नैतिक अधमता का कोई अपराध अथवा कानून के विरुद्ध कोई कार्य अथवा सार्वजनिक नीति के विपरीत कोई कृत्य, नहीं करेंगे।
5. प्रकटीकरण
तथापि किसी ऐतिहासिक कारणवश, हितों के टकराव के दृष्टान्त उत्पन्न हो जाते है तो इच्छुक अधिकारी इसे कम्पनी के समक्ष पर्याप्त तथा पूर्णरूप से प्रकट करें। प्रत्येक अधिकारी के लिए यह आवश्यक है कि अधिकारी अथवा अधिकारी के सीधे परिवार जिसमें माता-पिता, पत्नी और बच्चे है के हित को जो कम्पनी अथवा फर्म जो कि आपूर्तिकर्ता, ग्राहक, वितरक आदिहों या कम्पनी से अन्य व्यवसाय कर रहे हों के हितों को कम्पनी से प्रकट करें।
संबंधित पक्षकार के प्रकटीकरण के संबंध में, बोर्ड के सदस्य, प्रकटन बोर्ड को करेंगे और वरिष्ठ प्रबंधन कार्मिक, प्रकटन प्रबंध निदेशक को लेखाकरण मानक 18 परिशिष्ट 4 पर साथ में संलग्न के उपबन्धों के अधीन करेंगे।
यदि कोई अधिकारी इसमें अपेक्षित किए अनुसार, प्रकटीकरण करने में असफल रहता है और कम्पनी को हितों के टकराव का पता अपने आप हो जाता है, जिसे अधिकारी को स्वयं बतलाना चाहिए या तो कम्पनी इस मामले को गम्भीरतापूर्वक लेगी और इस अधिकारी के विरूद्ध समुचित अनुशासनिक कार्यवाही करने पर विचार करेगी।
अन्य निदेशक पद
जब तक बोर्ड ने विशेष रूप से अनुमति न दी हो, तब तक अधिकारी किसी अन्य कम्पनी में बतौर निदेशक कार्य नहीं करेंगे अथवा एफ फर्म जो इस कम्पनी से व्यवसाय में प्रतिस्पर्धी है के भागीदार नहीं बनेंगे। यह खंड गैर पूर्णकालिक निदेशकों पर लागू नहीं है।
जब तक सरकार ने अनुमोदित न किया हों तब तक इस कम्पनी में निदेशक के पद का कार्य समाप्त के दो वर्ष तक कोई भी पूर्ण कालिक निदेशक किसी अन्य कम्पनी अथवा फर्म में जिसके इस कम्पनी से प्रतिस्पर्धी हित हैं वह भारतीय कम्पनी अथवा फर्म हो या विदेशी, किसी पद पर नियुक्ति, वह चाहे सलाहकार की हो था प्रशासनिक ही को स्वीकार नहीं करेंगे।
इनसाइडर ट्रेडिंग
कम्पनी की प्रतिभूर्तियों के व्यवहार में प्रत्येक अधिकारी आंतारिक प्रक्रिया और आचरण सहिता का अनुपालन करेंगे।
जन प्रतिवेदन और सूचना की गोपनीयता
कम्पनी लोगों की, शेयरधारकों की सूचना आवश्यकताओं का सम्मान करती है। कम्पनी के क्रियाकलापों की जन घटकों जैसे मीडिया, वित्तीय समुदाय, कर्मचारीगण और शेयरहोल्डर्स आदि को सूचना देने के संबंध में कम्पनी का प्रतिनिधित्व विशेष रूप से इस कार्य के लिए प्राधिकृत अधिकारियों द्वारा किया जाएगा।
कम्पनी के व्यवसाय, इसके ग्राहकों, आपूर्तिकर्ताओं आदि से जुड़ी कोई भी सूचना जिस तक अधिकारी की पहुँच है अथवा जो अधिकारी के पास है, को विशेषाधिकार प्राप्त और गोपनीय समझें और उसे हमेशा गोपनीय बनाए रखें तथा उसे किसी व्यक्ति को तब तक न बतलाएं जब तक कि (1) बोर्ड द्वारा प्राधिकृत न किया गया हों, अथवा (2) प्रकटीकरण के समय वह सूचना जन सूचना का भाग बन जाए गए अथवा (3) लागू कानूनों के अनुसार उसे बतलाया जाना अपेक्षित हो।
विनियामक अनुपालन
प्रत्येक अधिकारी, अपने कार्य और व्यवहार में समस्त लागू कानूनों, नियमों और विनियमों का पूरी तरह से अनुपालन करेगा। यदि लागू कानूनों और विनियमों में निर्दिष्ट नैतिक तथा व्यावसायिक मानक इस संहिता से नीचे है तब इस संहिता के मानक ही लागू होंगे।
स्वास्थ्य, संस्था और पर्यावरण
कम्पनी और इसके अधिकारी-गण, अपने व्यवसाय को चलाने में अपने कार्यक्षेत्र तथा कार्यस्थल में पर्यावरण के संरक्षण से संबंधित सभी विनियमों का अनुपालन करते हुए स्वस्थ तथा सुरक्षित कार्य स्थितियों को बनाने के लिए अधिकतम प्रयास करेंगे। अधिकारीगण प्राकृतिक संसाधनों के दुरुपयोग की रोकथाम करने, तथा अपने उत्पादों और सेवाओं से संबंधित विकास, उत्पादन प्रयोग और निस्तारण से परिस्थितिक पर्यावरण पर पड़ने वाले नुकसानदेह प्रभावों को घटा कर कम से कम करने के लिए प्रतिबद्ध रहेंगे।
11 . आस्तियों का रक्षण
अधिकारी-गण अपने निज़ी लाभ अथवा अन्यथा, के लिए कम्पनी की मर्त आस्तियों / परिसम्पत्तियों जैसे उपकरण और मशीनरी प्रणालियों, सुविधाओं सामग्रियों और संसाधनों तथा अमूर्त परिसम्पत्तियों जैसे स्वत्वाधिकारी सूचनांए, ग्राहकों तथा आपूर्तिकर्ताओं आदि से संबंधों का दुरुपयोंग नहीं करेंगे और उनका प्रयोग वे विधिवत: अधिकृत व्यवसाय में ही करेंगे।
12 . संहिता में संशोधन
निदेशक मंडल, इस संहिता के प्रावधानों / उपबन्धों में समय-समय पर संशोंधन तथा आशोधन कर सकता है और ऐसे सभी संशोधन तथा आशोधन उनमें उल्लिखित तारीख से ही प्रभावी होंगे। सभी अधिकारियों को ऐसे संशोधनों और आशोधनों की विधिवत सूचना दी जाएगी।
13. वेबसाइट पर संहिता का स्थापन
लिस्टिंग एग्रीमेन्ट के खंड 49 का अनुसरण करते इस सहिता और इसके किसी भी संशोधन को कम्पनी के वेबसाइट पर पोस्ट किया जाएगा।
14. आचरण संहिता को लागू करना
इस आचरण संहिता का पूरी तरह से अनुपालन करने के लिए प्रत्येक अधिकारी उत्तरदायी होगा।
इस संहिता का अनुपालन न करने के परिणाम
गैर-पूर्णकालिक निदेशकों के इस संहिता-भंग के मामले में बोर्ड समुचित कार्यवाही, जैसी आवश्यक समझे; शुरू करने पर विचार करेगा।
पूर्णकालिक निदेशकों और वरिष्ठ प्रबंधन कार्मिकों के इस संहिता-भंग के मामले में सी डी ए नियमावली के अनुसार कार्यवाही की जाएगी।
परिशिष्ट- 1
बोर्ड के सदस्यों और वरिष्ठ प्रबंधन कार्मिकों
के लिए
आचरण संहिता
अभिस्वीकृति प्रपत्र
मुझे - - - - - - - - -- - - - - - - - - - को बोर्ड के सदस्यों और वरिष्ठ प्रबंधन कार्मिकों के लिए आचरण संहिता (यह संहिता) प्राप्त हुई। इस संहिता में समाविष्ट प्रवधानों और नीतियों को पढ़कर मैने इसे समझ लिया है और मै इस संहिता का अनुपालन करने के लिए सहमत हूँ।
हस्ताक्षर : -------------------------------------------------
नाम : -------------------------------------------------
पदनाम : -------------------------------------------------
दिनांक : -------------------------------------------------
स्थान : -------------------------------------------------
परिशिष्ट- 2
बोर्ड के सदस्यों और वरिष्ठ प्रबंधन कार्मिकों
के लिए
आचरण संहिता
वाषिक अनुपालन रिपोर्ट ।
मुझे - - - - - - - - -- - - - - - - - - - एतद्द्वारा सत्यनिष्ठा से प्रतिज्ञान करता हू कि अपने उच्चतम ज्ञान और विश्वास से मैने 31 मार्च - - - - - - - - - को समाप्त वित्तीय वर्ष में बोर्ड के सदस्यों और वरिष्ठ प्रबंधन कार्मिकों के लिए आचरण संहिता के प्रावधानों का पूर्णरूपेण अनुपालन किया है।
हस्ताक्षर : -------------------------------------------------
नाम : -------------------------------------------------
पदनाम : -------------------------------------------------
दिनांक : -------------------------------------------------
स्थान : -------------------------------------------------
प्रत्येक वर्ष 30 अप्रैल तक मेजी जानी है।
परिशिष्ट -3
बोर्ड के सदस्यों और वरिष्ठ प्रबंधन कार्मिकों
के लिए
आचरण संहिता
कम्पनी अधिनियम 1956 की धारा 6 का उद्धरण
संबंधी का अर्थ
6. एक व्यक्ति को दूसरे व्यक्ति का संबंधी समज्ञा जाएगा यदि, और केवल यदि
वे हिन्दू अविमक्त परिवार के सदस्य है, अथवा
(बी) वे पति और पत्नी हैं अथवा
(सी) वे एक दूसरे से अनुसूची 1ए में दर्शाए अनुसार संबंधित हैं
अनुसूची 1ए
संबंधित की सूची
पिता
माता (सौतली माता सहित)
पुत्र (सौतली पुत्र सहित)
पुत्र की पत्नी
पुत्री (सौतली पुत्री सहित)
पिता के पिता
पिता की माता
माता की माता
माता के पिता
पुत्र का पुत्र
पुत्र का पुत्र की पत्नी
पुत्र की पुत्री
पुत्र के पुत्री का पति
पुत्री का पति
पुत्री का पुत्र
पुत्री के पुत्र का पत्नी
पुत्री की पुत्री
पुत्री की पुत्री का पति
भाई (सौतली भाई सहित)
भाई की पत्नी
बहन (सौतली बहन सहित)
बहन का पति
परिशिष्ट- 4
बोर्ड के सदस्यों और वरिष्ठ प्रबंधन कार्मिकों
के लिए
आचरण संहिता
संबंधित पक्षकार संव्यवहार
लेखाकरण मानक 18 दृष्टिगत रखते हुए निम्नलिखित संबंधित पक्षकार संव्यवहार प्रकट किए जाएंगे:
माल का क्रय /विक्रय (तैयार अथवा गैर तैयार)
स्थिद आस्तियों/परिसम्पत्तियों का क्रय /विक्रय
दी गयीं अथवा ली गयीं सेवाएं
एजेंसी व्यवस्था
पट्टा अथवा अवक्रय व्यवस्थाएं
अनुसंधान और विकास विशेषज्ञता, प्रौद्योगिकी अथवा प्रयत्नों का अंतरण अथवा हस्तांतरण
अनुज्ञप्ति करार
वित्तपोषण, ऋण सहित और नकद या अन्य प्रकार के अभिदाय
गारन्टी और सांपशिर्वक पूर्वयोजना
कर्मचारियों की प्रतिनियुक्ति के लिए प्रबंधन संविदा में शामिल होना।
संबंधित पक्षकारों में निम्नलिखित का समावेश होगा:
(ए) उद्यम जो प्रत्यक्षत: अथवा परोक्ष एक अथवा इससे अधिक मध्यवर्ती के माध्यम से नियंत्रित होते है अथवा उसके / उनके द्वारा नियंत्रित किए जाते है अथवा रिपोर्टिंग उद्यम के साझान नियंत्रण में होते है (इसमें होल्डिंग कम्पनियों, समनुषंगी और सह समनुषंगी कम्पनियाँ भी शामिल हैं।)
(बी) रिपोर्ट उद्यम के सह और संयुक्त उद्यमों और निवेश करने वाले पक्षकार अथवा उद्यमी जिनके रिपोर्ट उद्यम एक सह अथवा संयुक्त उद्यम है।
(सी) प्रत्यक्ष अथवा अप्रत्यक्ष रूप से रिपोर्ट उद्यम में मतदान करने का अधिकार रखने वाले व्यक्ति जो उद्यम पर उन्हे नियंत्रण करने देता है अथवा उस पर महत्वपूर्ण प्रभाव डालने देता है और ऐसे व्यक्ति के संबंधीगण।
(डी) मुख्य प्रबन्धन कार्मिक और ऐसे कार्मिकों के संबधीगण तथा
(ई) उपरोक्त (सी) और (डी) में वर्णित किसी व्यक्ति का उद्यमों पर बहुत प्रभाव हो इसमें निदेशकों के स्वामित्व वाले उद्यमों अथवा रिपोर्ट उद्यम के बड़ी संख्या में शेयरधारक अथवा उद्यमों के प्रमुख प्रबंधन के सदेस्य जो रिपोर्ट उद्यम में तथा दोनों में ही हों।
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