रिसाट
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इस वर्तमान प्रतियोगी युग में आगे रहने के लिए व्यावसायिक हाउस में मजबूत आंतरिक संगठन होना चाहिए। संगठनात्मक वेरियबल को प्रभावात्मक डंग से रखने का काम व्यावसायिक प्रशिक्षकों के हैं।

पेट्रोलियम और पेट्रोकेमिकल उध्योग के बारे में इनजीनियरों को नयी शिक्षा देने के लिए रिफ़ाइनरि इंजीनियरिन्ग स्कूल ऑफ ट्रेनिंग (रिसोट) की शुरुआत 1984 में, भारत भर में पहली प्रयास चेन्नै पेट्रोलियम कार्पोरेशन लिमिटेड ने की है। चेन्नै में स्थित रिसोट में उच्च व्यावसायिक स्तर के प्रशिक्षण देने के लिए सभी मूलभूत संरचनाएं उपलब्ध हैं।

निरंतर रूप में बदलते रहनेवाले विश्व के व्यावसायिक परिदृश्य में संगठनों ने अपने कार्मिकों को नए कार्य से जल्दी परिचित होने और पर्याप्त ज्ञान पाने के लिए इस प्रतियोगी व्यवसाय में नए पहल करते आ रहे हैं। इसे ध्यान में रखते हुए हमारे रिसोट को प्रशिक्षक-केन्द्रित प्रशिक्षण से प्रशिक्षण पानेवाले-सीखने का केंद्र में बदला गया है। इस प्रकार प्रशिक्षण और विकास में अपना एप्रोच को बदला है।

टेकनीकी और व्यावहारिक पहलू में विशेष प्रकृति के कार्यक्रम आयोजित करके मानव संसाधन विकास के लिए निरंतर बढ़ती दबाव और चेलेंज को रिसोट सामना करता है और प्रतिभागी को सीखने के नए अनुभव प्रदान करता है। इस आहते में 2 से 11 दिन तक की अवधि के लिए समय के मुताबिक लंबी और कम समय के कार्यक्रम आयोजित किए जाते हैं।

लक्ष्य
रिफ़ाइनरि प्रबंधन में प्रशिक्षण के क्षेत्र में उत्कृष्ट केंद्र होना है।

उद्देश्य
स्वतः पूर्ण स्तर पर विश्व स्तरीय रिफ़ाइनरि प्रबंधन में दक्षता और ज्ञान देना है। मूल्य जोड़ने हेतु बुद्धि दक्षता को बढ़ाने तथा मजबूत करने के लिए काम किया जाता है। फंक्शनल इश्यू के बहू प्रतिभा दक्षता और क्रास फंक्शनल एप्रोच के विकास करना।

लक्ष्य

  • प्रभावी प्रबंधन निष्पादन को बढ़ाने के लिए उल्लेखनीय संगठनात्मक परिवर्तन करना
  • लक्ष्य ग्रुप को नवीनतम स्ट्रेटेजिक प्रबंधन एप्रोच की धारणा के ज्ञान देना और समझाना।
  • वैब्रांट पर्यावरण में ज्ञान को स्ट्रेटजी के रूप में उपयोग करने के व्यापक फ्रेमवर्क का विकास।
  • संगठनात्मक सीख की क्षमता को पालने और बढ़ाने के टेकनीक के ज्ञान बढ़ाना ।
  • ज्ञान आधार और सीख की क्षमता को बढ़ाने के लिए आवश्यक संगठनात्मक प्रक्रिया को बढ़ाना और प्रशंसा करना।

प्रशिक्षण ऐड्स और एक्सेसोरिस
आराम से हर बार 25-30 प्रतिभागी तक , प्रशिक्षित कराने की सुविधा रिसोट में है। इसके आडियो-विश्युयल अत्याधुनिक है। नयी सीख को बेहतर रूप में सीखने के लिए सिंडीकेट कमरों की सुविधा है।

तरीका

  • प्रशिक्षित करने की तरीका में:
  • प्रमुख बात को समझाना, मामला अध्ययन को बांटना
  • प्रयोगात्मक प्रशिक्षण
  • ग्रुप परिचर्चा
  • प्रतिक्रिया और अनुभव को बांटना और उत्साहवर्द्धक अभ्यास

लाभ

  • प्रमुख बात को अच्छी तरह समझना
  • सफलता की कुंजी का बेहतर समझ
  • टीम के रूप में क्षमता के अनुशासनात्मक अनुप्रयोग
  • सीख की दक्षता और टेकनीक की राज़ को जानना
  • व्यावसायिक पर्यावरण के इंटेग्रेटेड एप्रोच की आवश्यकता को पहचानना

परिणाम
कार्यक्रम के समापन पर, प्रतिभागियों को चलना प्रतिबद्धता, विश्वास, के एक पैकेज के साथ दूर होम और प्रतिज्ञान सेट करने के लिए और सफलता और उद्देश्य को प्राप्त खुद को, अपने दल और उनके संगठनों की ओर.

परिणाम
कार्यक्रमों की समाप्ती पर, अपने, अपने टीम के, अपने संगठन के सफलता पाने के सकारात्मक धारणा के साथ हर प्रतिभागी समर्पण, विश्वास के साथ बाहर जाते हैं।

दीर्घ कालीन प्रमुख कोर्स
पेट्रोलियम और पेट्रोकेमिकल उद्योग में 5 साल के न्यूनतम अनुभव रखनेवाले विभिन्न संगठनों के विभिन्न क्षेत्र के इंजीनियरों को रिसोट में एड्वान्स्ड़ रिफ़ाइनरि टेक्नोलोजी के प्रमुख कोर्स चलाया जाता है। चार माड्युल्स में उसका विषय है

रिफ़ाइनरि परिचालन

  • यान्त्रिकी रखरखाव और निरीक्षण
  • बिजली रखरखाव और उपकरण
  • रिफ़ाइनरि प्रबंधन

वर्ष के प्रत्येक तिमाही में 11 दिनों के लिए उक्त चारों कार्यक्रम आयोजित किए जाते हैं। इससे प्रतिभागी को पर्याप्त मौका मिलता है कि हाल ही के ट्रेंड के ज्ञान को पाने, विकास करने, उसमें दक्षता पाने को सिखाता है।

  • हाल ही के टेक्नोलोजिकल परिवर्तन पर प्रथम सूचना दी जाती है।
  • एड्वान्स्ड़ टेक्नॉलॉजी कि धारणा और अभ्यास कि सीख को मजबूत करना
  • पब्लिक और निजी सेकटार दोनों में, प्रोसेस मनुफक्चरिंग परामर्श संगठनों के टेक्नोक्रेट के विशेषज्ञोंकि उपलब्धता और
  • सफलतम रूप में काम कर रहे व्यावसायिक प्रबंधकों और प्रख्यात शिक्षकों के ज्ञान और अनुभव से परिचित कराना।

सम्प्रेषण के लिए पता
वरिष्ठ प्रबन्धक,
रिसाट कार्यालय
No.8,सीटम्माल रोड,
अलवरपेट, चेन्नै - 600 018.
फोन : 044-24323572/24352668.
फैक्स : 044-24352564
ई-मेल:
resot@cpcl.co.in


gandhi

मैं हिंदी के जरिए प्रांतीय भाषाओं को दबाना नहीं चाहता किंतु उनके साथ हिंदी को भी मिला देना चाहता हूं । भारत में स्‍वतंत्रता के बाद संसदीय लोकतंत्र लगातार मजबूत हुआ है। भारतीय लोकतंत्र विश्‍व का सबसे बड़ा लोकतंत्र है जहां अनेक जातियों धर्मों और भाषाओं के बावजूद सबको बराबरी का हक मिला है। जहां स्‍त्री पुरुषों के बीच कोई असमानता नहीं है बल्कि भारत में महिलाएं जीवन के सभी क्षेत्रों में शीर्ष पर पहुंची हैं और हर क्षेत्र में वे अपनी क्षमता का

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